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22 जुलाई को सेल प्रबंधन से वार्ता करेगा झामसंसं, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी

बायोमेट्रिक प्रणाली, अस्पताल में दवा की कमी, डीएवी स्कूल की शिक्षा, टाउनशिप की सफाई, जर्जर क्वार्टर और पेयजल व्यवस्था समेत कई मुद्दे उठाए जाएंगे

22 जुलाई को सेल प्रबंधन से वार्ता करेगा झामसंसं, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन ने सेल प्रबंधन को कर्मचारियों और टाउनशिप से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर 22 जुलाई को होने वाली वार्ता में ठोस समाधान निकालने की चेतावनी दी है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि बैठक में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।

झामसंसं के केंद्रीय अध्यक्ष राम पांडे ने कहा कि सेल प्रबंधन कर्मचारियों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने का दबाव बना रहा है, जबकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक बायोमेट्रिक प्रणाली लागू नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी और यूनियन पहले से ही इसका विरोध कर रहे हैं, इसके बावजूद प्रबंधन दबाव बना रहा है। राम पांडे ने बताया कि 22 जुलाई को प्रस्तावित वार्ता में बायोमेट्रिक प्रणाली के अलावा गुवा सेल अस्पताल में दवाइयों की कमी, डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में गिरते शिक्षा स्तर, टाउनशिप की सफाई व्यवस्था, जर्जर सेल क्वार्टरों की मरम्मत तथा पेयजल की गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने पूर्व में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके कारण टाउनशिप में जगह-जगह कचरे का अंबार लगा है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि सेल के कई आवास जर्जर हो चुके हैं। कई क्वार्टरों की छतों से पानी टपकता है, दरवाजे-खिड़कियां क्षतिग्रस्त हैं और फर्श टूट चुके हैं। उन्होंने सभी पुराने क्वार्टरों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार की भी मांग की। राम पांडे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 22 जुलाई की वार्ता में इन सभी मांगों पर सकारात्मक सहमति नहीं बनती है, तो झारखंड मजदूर संघर्ष संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी।

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