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पलाश शिक्षक प्रशिक्षण से बेहतर होंगी कक्षा गतिविधियां, 324 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण

बहुभाषी शिक्षा और बुनियादी संख्या ज्ञान पर प्रशिक्षण

चाईबासा : बच्चों की बेहतर सीख सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिले में पलाश मल्टिलिंगुअल एजुकेशन (MLE) कार्यक्रम के तहत चार दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। 18 से 21 अगस्त तक चले इस प्रशिक्षण में जिले के पलाश स्कूलों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण 305 पलाश स्कूलों के शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था। इसमें 381 शिक्षकों के शामिल होने की योजना थी, जबकि कुल 324 शिक्षकों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रभावी प्रशिक्षण और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम बिंसाई और DIET चैनपुर में नौ बैचों में आयोजित किया गया।

चार दिवसीय प्रशिक्षण को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया था। पहले दो दिन मल्टिलिंगुअल एजुकेशन यानी बहुभाषी शिक्षा पर केंद्रित रहे, जबकि अगले दो दिन फाउंडेशनल न्यूमेरेसी और गणित शिक्षण पर प्रशिक्षण दिया गया।

बहुभाषी शिक्षा पर जोर

MLE सत्र में शिक्षकों को बहुभाषी कक्षाओं में प्रभावी शिक्षण गतिविधियां संचालित करने के तरीके बताए गए। शिक्षकों ने द्विभाषी पाठ्यपुस्तकों, शिक्षक गाइड और विभिन्न बहुभाषी शिक्षण तकनीकों के उपयोग का अभ्यास किया।

प्रशिक्षण में मौखिक भाषा विकास, टोटल फिजिकल रिस्पॉन्स (TPR), डिकोडिंग, पढ़ना, लिखना और पढ़ने में प्रवाह जैसे विषयों पर काम किया गया। समूह गतिविधियों और चर्चा के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा में इन तकनीकों को लागू करने का अभ्यास कराया गया।

बुनियादी संख्या ज्ञान और गणित पर प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के अगले दो दिनों में कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए बुनियादी संख्या ज्ञान पर ध्यान दिया गया। शिक्षकों ने शिक्षण-अधिगम सामग्री, प्रदर्शन, अभ्यास और कक्षा चर्चा के माध्यम से गणित को गतिविधि आधारित और बच्चों के लिए अधिक समझने योग्य बनाने के तरीकों पर काम किया।

संख्या पहचान, गिनती, स्थानीय मान, जोड़ और घटाव के साथ 10 बनाना, दोगुना करना और गिनती की विभिन्न रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।

मल्टी-ग्रेड टीचिंग को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। शिक्षकों ने समूहों में लेसन प्लान तैयार किए और गतिविधियों का प्रदर्शन किया। फैसिलिटेटर्स ने फीडबैक देकर कक्षा 1 और 2 को एक साथ पढ़ाने वाले स्कूलों में इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के तरीके बताए।

LLF ने दिया तकनीकी सहयोग

पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में LLF की टीम ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। टीम ने शिक्षकों की ‘पलाश’ टीचिंग-लर्निंग पद्धतियों को लेकर समझ मजबूत करने, प्रशिक्षण की योजना और संचालन में सहयोग देने के साथ-साथ कक्षा में इन तरीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल पर जोर दिया।

चार दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर शिक्षकों को अपनी कक्षाओं में शिक्षक गाइड, टीचिंग-लर्निंग मटीरियल, गतिविधि आधारित शिक्षण और प्रभावी लेसन प्लानिंग का नियमित उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कुल मिलाकर, प्रशिक्षण का उद्देश्य 324 शिक्षकों की शिक्षण क्षमता, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा, ताकि पश्चिमी सिंहभूम के 305 पलाश स्कूलों में बच्चों के लिए बहुभाषी शिक्षा और बुनियादी सीखने के परिणामों को बेहतर बनाया जा सके।

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