विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा कर्मियों की हड़ताल 73वें दिन भी जारी, विकास कार्य ठप
समान वेतन, ग्रेड पे और स्थायीकरण की मांग पर अड़े कर्मी, चाईबासा में धरना जारी; पीएम आवास, कुआं निर्माण और बागवानी योजनाएं प्रभावित

अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश कमेटी के आह्वान पर प० सिंहभूम चाईबासा जिला इकाई द्वारा सदर अनुमंडल कार्यालय चाईबासा के सामने कई दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को भी जिला कार्यकारी अध्यक्ष सह प्रदेश मंत्री दिगंबर कुमार की अध्यक्षता में सभी प्रखंडों के मनरेगा कर्मी धरना पर बैठे , धरना स्थल में कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय द्वारा मनरेगा कर्मचारी संघ के समर्थन में संबंधित विभागीय मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह को पत्र लिखकर मनरेगा कर्मचारी संघ की मांग को भेजा गया।कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने मनरेगा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि मांगे जरूर पूरी होगी सरकार इस मुद्दों पर काफी गंभीर है।
उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि कार्य सुचारू रूप से पुनः प्रारंभ हो सके। झारखंड में मनरेगा कर्मी बारह मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है, जिससे राज्य भर में मनरेगा योजनाएं यथा कुआं, पीएम आवास, टीसीबी, बागवानी ठप हो गई है। वे समान वेतन, ग्रेड पे और स्थायीकरण की मांग कर रहे है, उड़ीसा राज्य के तर्ज पर एक बार में नियमितीकरण लागू किया जाए। जिससे ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य रुक गए है और मजदूरों के पलायन का खतरा बढ़ गया है। प्रखंड स्तर में मनरेगा कर्मियों से सभी प्रकार के कार्य कराएं जाते है।मनरेगा कर्मियों के बिना बहुत सा कार्य अधूरा रहता है। मनरेगा कर्मियों ने बताया कि हड़ताल के कारण सभी काम ठप रहा, जिससे ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य पूरी तरह से थम गई है। मजदूरों को काम नहीं मिलने के कारण पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं बागवानी, कुआँ निर्माण, पीएम आवास, अबुआ आवास और टीसीबी जैसी योजनाएं प्रभावित है। देखरेख के अभाव में पौधे सूख रहे है और अधूरे कुएं धंसने की कगार पर है।
प्रदर्शन में प्रदेश मंत्री दिगंबर कुमार , जिला अध्यक्ष शंभू गोप , जिला सचिव पुरुषोत्तम गोप , सुनील कालिंदी , कृष्ण चंद्र , कुमारी कविता , मुकेश कुमार कालुण्डिया , सुधांशु , महेश्वर पान , अनुरूप मुंडू , मोहन दास , लक्ष्मी मछुआ लक्ष्मण आदि उपस्थित थे।




