कम मजदूरी और बकाया भुगतान को लेकर रेल लाइन मरम्मती कार्य बंद
झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के नेतृत्व में मजदूरों का विरोध, 11 मई को श्रमायुक्त कार्यालय में देंगे बयान

पश्चिमी सिंहभूम जिले में रेल लाइन मरम्मती कार्य में लगे मजदूरों ने कम मजदूरी और बकाया भुगतान को लेकर बुधवार, 7 मई 2026 को काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के बैनर तले जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में मजदूरों ने कार्य स्थल पर पहुंचकर रेल लाइन मरम्मती कार्य रुकवा दिया।
कार्यरत मजदूरों ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद उन्हें निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। मजदूरों के अनुसार महिला मजदूरों को प्रतिदिन मात्र 300 रुपये तथा पुरुष मजदूरों को 400 रुपये मजदूरी दी जा रही है, जो सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से काफी कम है।
मानसिंह तिरिया ने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी 556 रुपये निर्धारित की गई है, लेकिन दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल में कार्यरत मजदूरों को इससे काफी कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे लाइन मरम्मती कार्य में लगे मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है और संबंधित विभाग इस मामले में गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी और बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण काम बंद करने का निर्णय लिया गया। मौके पर मजदूरों के साथ बैठक भी की गई, जिसमें तय किया गया कि 11 मई 2026 को सहायक श्रमायुक्त केंद्रीय, चाईबासा के समक्ष मजदूर अपना बयान दर्ज कराएंगे।
तिरिया ने कहा कि इस मुद्दे को पहले भी उठाया जा चुका है, लेकिन श्रम विभाग की निष्क्रियता के कारण मजदूरों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान संवेदक अमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मजदूर मौके पर उपस्थित रहे।




