500 स्थानीय बेरोजगारों की बहाली की मांग पर गुवा सेल खदान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम, उत्पादन पूरी तरह ठप
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के समर्थन से आंदोलन तेज, 12 गांव के मुंडा-मानकी व ग्रामीण डटे

गुवा। 12 गांव के मुंडा-मानकी संघ द्वारा 500 स्थानीय बेरोजगार युवकों की बहाली की मांग को लेकर गुवा सेल खदान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू कर दिया गया है। आंदोलन को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का पूरा समर्थन प्राप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि मधु कोड़ा लगातार स्थानीय लोगों के रोजगार और अधिकार की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं तथा उनके नेतृत्व में ही यह आंदोलन और मजबूत हुआ है।
आंदोलन के कारण गुवा सेल खदान क्षेत्र में खनन कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आंदोलनकारियों ने सेल के साइज स्क्रीन तथा पहाड़ के ऊपर स्थित क्रॉसिंग प्लांट को बंद करा दिया है, जिससे लौह अयस्क उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके साथ ही सेल रेलवे बंकर स्थित डिस्पैच कार्य भी बाधित हो गया है, जिसके कारण खदान से बाहर होने वाला परिवहन और सप्लाई कार्य रुक गया है।
आंदोलन का असर सुबह से ही देखने को मिला। सुबह 4 बजे प्रथम पाली में खदान क्षेत्र जाने वाली बसों को ग्रामीणों ने रोक दिया, जिससे बड़ी संख्या में सेल कर्मी कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके। चक्का जाम और बंदी के कारण पूरे खदान क्षेत्र में गतिविधियां प्रभावित रहीं।
ग्रामीणों का कहना है कि गुवा और आसपास के गांवों के सैकड़ों बेरोजगार युवक लंबे समय से रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा स्थानीय लोगों की उपेक्षा की जा रही है। इसी के विरोध में यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक 500 स्थानीय बेरोजगारों की बहाली नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बंदी और आंदोलन को देखते हुए गुवा प्रशासन तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान आंदोलन स्थल पर तैनात हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।




