दुकान हटाने के नोटिस के विरोध में दुकानदारों का ज्ञापन, कार्रवाई से पहले ग्राम सभा की बैठक की मांग
दुकान हटाने के नोटिस के विरोध में दुकानदारों ने सौंपा ज्ञापन

चाईबासा: सदर चाईबासा अंचल अंतर्गत एमडीआर-177 सड़क पर तांबो चौक से नया समाहरणालय के किनारे वर्षों से छोटे-छोटे व्यवसाय कर जीवनयापन कर रहे स्थानीय दुकानदारों को दुकान हटाने का नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। इसके विरोध में प्रभावित दुकानदारों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने अंचल अधिकारी, सदर चाईबासा को ज्ञापन सौंपकर नोटिस तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त क्षेत्र में कई वर्षों से छोटे दुकानदार अपना व्यवसाय संचालित कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इनमें गरीब एवं असहाय आदिवासी व्यापारी भी शामिल हैं। अचानक दुकान हटाने का निर्देश दिए जाने से उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न होने की बात कही गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत व्यवसाय एवं व्यापार करने के अधिकार तथा अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और आजीविका के अधिकार का हवाला दिया। साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका और वेंडिंग के नियमन से संबंधित कानून का उल्लेख करते हुए कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की मांग की।
ज्ञापन में क्षेत्र के पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने का उल्लेख करते हुए मुंडा-मानकी जैसी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और ग्राम सभा की भूमिका का भी हवाला दिया गया। प्रतिनिधियों ने मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले ग्राम सभा, पारंपरिक प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावित दुकानदारों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए।
इसके अलावा एमडीआर सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य मुख्य मार्गों पर मौजूद अतिक्रमणों की भी समान, निष्पक्ष एवं क्रमबद्ध तरीके से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई।
अंचल अधिकारी की अनुपस्थिति में ज्ञापन अंचल निरीक्षक को सौंपा गया। प्रतिनिधियों ने दूरभाष के माध्यम से अंचल अधिकारी से वार्ता कर मामले में सकारात्मक कार्रवाई का अनुरोध भी किया।
ज्ञापन सौंपने वालों में रेयांस सामड, महेंद्र जामुदा, भगवान सवैया, मालिना सुंडी, लक्ष्मी जामुदा, अल्बिन एक्का, सुखलाल पूरती, सुरेश सिंकू, अमन सवैया, सतेन्द्र सोय, सुरेन्द्र मुंडरी, नमन गोप, नानू दास, चंद्रमोहन तांती, बुधराम गोप सहित कई प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दुकानदार मौजूद थे।
मुख्य मांगें:
दुकान हटाने का जारी नोटिस निरस्त किया जाए।
ग्राम सभा एवं पारंपरिक मुंडा-मानकी व्यवस्था के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हो।
सभी प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की समान एवं निष्पक्ष जांच हो।
प्रभावित दुकानदारों की आजीविका एवं संवैधानिक अधिकारों का ध्यान रखा जाए।




