प्रशासन की उदासीनता पर महिलाओं का जवाब, श्रमदान से सुधारी जर्जर सड़क
बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य मार्ग की जर्जर पुलिया पर श्रमदान कर महिलाओं ने पेश की मिसाल।

खबर का हुआ असर : प्रशासन की अनदेखी के बीच महिलाओं ने श्रमदान कर जर्जर सड़क की भरी मरम्मत
अखबार में 1 जून को प्रकाशित “सुखचैन मोटर के पास जर्जर पुलिया बनी हादसे का कारण, मरम्मत नहीं होने पर सड़क जाम की चेतावनी” शीर्षक खबर के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की। इससे नाराज होकर आजीविका ग्राम संगठन बस्ती जामदा की बीएचओ (वीओ) की महिलाओं ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान के माध्यम से जर्जर सड़क और पुलिया के गड्ढों में मुरूम-मिट्टी भरकर उसे समतल कर दिया।
ज्ञात हो कि बड़ाजामदा से नोवामुंड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग पर सुखचैन मोटर के समीप स्थित पुलिया की स्थिति लंबे समय से अत्यंत खराब बनी हुई है। पुलिया के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे और कई स्थानों पर आर-पार छेद हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण पुलिया दिन-प्रतिदिन और कमजोर होती जा रही है। यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क पथ है, जहां से प्रतिदिन टाटानगर से किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा जाने वाली यात्री बसों के साथ-साथ लौह अयस्क ढोने वाले भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है।
इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिया के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उदासीन बना हुआ है। ऐसे में आजीविका ग्राम संगठन की महिलाओं ने श्रमदान कर सड़क को समतल बनाकर प्रशासन को एक संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में जनता स्वयं भी आगे आ सकती है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने झारखंड सरकार तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अविलंब पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य सड़क मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए।




