करम डाली विसर्जन के साथ संपन्न हुआ कर्मा पूजा समारोह
ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके उरांव समाज के लोग, पारंपरिक नृत्य-संगीत के साथ कारों नदी में किया करम डाली का विसर्जन

करम डाली विसर्जन के साथ कर्मा पूजा संपन्न, ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके समाज के लोग
गुवा के हिरजीहाटिंग में उरांव समाज की ओर से आयोजित कर्मा पूजा हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। बुधवार सुबह करम डाली विसर्जन के साथ पूजा का समापन किया गया। कर्मा पूजा को लेकर उरांव समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा के अवसर पर मंगलवार की रात समाज के लोगों ने रातभर जागरण किया। इस दौरान पारंपरिक गीत-संगीत और पूजा-अर्चना के माध्यम से कर्म देवता की आराधना की गई।
बुधवार सुबह करम डाली को लेकर समाज के लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए कारों नदी की ओर रवाना हुए। इस दौरान महिला-पुरुष और समाज के अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। करम डाली विसर्जन के दौरान पूरे रास्ते पारंपरिक नृत्य और ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई देती रही। नदी तट पर पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ करम डाली का विसर्जन किया गया। इसके साथ ही उरांव समाज का कर्मा पूजा समारोह समाप्त हो गया। समाज के लोगों ने बताया कि कर्मा पूजा उरांव समाज के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में से एक है। यह पर्व प्रकृति, कृषि, भाई-बहन के प्रेम और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा हुआ है। पर्व के दौरान समाज के लोग एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन करते हैं। कर्मा पूजा के माध्यम से नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। मौके पर विजय बुकरु सहित उरांव समाज के अनेक लोग मौजूद थे।




